Hari Shewa Ishwaribai Buxani
English Academy
Hari Shewa Ishwaribai Buxani English Academy - prayers

School Prayers

श्लोक

(1) या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभवस्त्रावृता I
या वीणावरदण्मण्डितकरा या श्वेतपद्मासना I
या बह्माच्युतशड्करप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता I
सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाडयापहा II
(2) ओम भूभर्व: स्व: ततसवितुवरेण्यं भगोदिवस्य
धिमहि धियो योन: प्रचोदयात II
(3) गुरुब्रह्मा गुरुविष्णु: गुरुदेवो महेश्वर:
गुरु: साक्षात परब्रह्म: तस्मै श्री गुरवे नम: II
(4) त्वेमव माता च पिता त्वमेव,त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव,
त्वमेव विधा द्रविणं त्वमेव सर्व ममदेव II
(5) वक्र तुण्ड महाकाय, सूयकोटि समप्रभा,
निविध्नम कुरु मे देव, सर्व कार्यसु सर्वदा II

MORNING PRAYER

Father! We thank thee for the night
And for the pleasant morning light
For rest and food and loving care
And all that makes the world so fair,
Help us to do the thing we should,
To be to others kind and food,
In all we do and in all we we say
Help us to grow more loving everyday
Our father, who are in Heaven
Hallowed be thy name,
Thy Kingdom come,
Thy will be done,
As It is In Heaven,
Give us this day, our daily bred,
And we forgive those, who trespass against is,
And lead us not into temptation,
But deliver us from evil.

HAVAN - PRAYER

Asatoma sad Gamaya!
Tomasoma Jyotir Gamaya!
Mrityor ma ‘Amritam Gamaya’!
Lead me from the unreal to the Real!
Lead me from darkness to Light!
From death lead me to immortality
Vedic Prayer

Pledge

India is my country
All Indians are my brothers and sister
I love my country and
I am proud of its rich and varied heritage
I shall always strive to be worthy of it
I shall respect my parents,
teachers and all my elders and treat
everyone with courtesy
I pledge my devotion to my country and its people
My happiness lies in their well being and prosperity.

वंदे मातरम

वंन्दे मातरम I वंन्दे मातरम I
सुजलाम सुफलाम मलयम शीतलाम
शस्य श्यामलाम मातरम वंदे....
शुभज्योत्सनापुलकित – यामिनीम
फुल्लफु सुमित दुमदल शोभिनीम
सुहासिनीम सुमधुर भाषिनिम
सुखदाम वरदाम मातरम – वंदे.....

प्रार्थना

(1) इतनी शकित हमे देना दाता,मनका विश्वास कमजोर होना,
हम चले नेक रस्ते पे हमसे,भूलकर भी कोर्इ भूल होना..(1)
दूर अज्ञान के हो अंधेरे,तू हमे ज्ञान की रोशनी दे,
हर बूरार्इ से वचके रहे हम,जितनी भी दे भली जिन्दगी दे,
वैर होना किसीका किसीसे,भावना मनसे बदले ही होना..(2)
हम न सोचे हमे क्या है अर्पण,फूल खुशियो के र्वांटे सभी को,
सबका जीवन ही बन जाये मधुबन,अपनी करूणा का जल तू बहाके
करदे पालन हर ऐक मन का कोना.(3),तुम्ही हो माता,पिता तुम्ही हो,
तुम्ही हो बन्धु सखा तुम्ही हो,जो खिल सके ना वो फूल हम है,
तुम्हारे चरणो की धूल हम है,दया की दष्टि सदा ही रखना,
तुम्ही ही साथी तुम्ही सहारे,कोर्इ ना अपना सिवा तुम्हारे
तुम्ही हो नैया तुम्ही हो खिवैया,तुम्ही तो बन्धु सखा .तुम्ही हो
(2) हमको मन की शकित देना,मन विजय करे
दूसरों की जय से पहले,खुद को जय करे,हमको...
भेदभाव अपने दिल से,साफ कर सके
दोस्तों से भूलो हो,माफ कर सके, हमको...
इूठ से बचे रहे,सच का कदम भरे,
दूसरों की जय से पहले,खुद की जय करे,हमको...
मुश्किलें पडे तो हम पे इतना कर्म कर,
साथ दे तो धर्मका ,चले तो धर्म पर
खुद पे होंसला रहे, बदी से ना डरे
दुसरो की जय से पहले खुद की जय करें
हम को मनकी शकित देना...
(3) दया कर दान दान विधा का, हमे परमात्मा देना
दया करना हमारी आत्मा को शुद्ता देना,
हमारे ध्यान में आओ, प्रभु र्आखों में बस जाओ,
अंधेरे दिल में आकर के परम ज्योति..जगा देना
बहा दो प्रेमकी गंगा,दिलो में प्रेम का सागर,
हमें आपस में मिल जुलकर,प्रभु रहना सिखा देना,दया..
वतन के वास्ते जीना, वतन के वास्ते मरना
वतन पर जान फिदा करना, प्रभु हमें सिखा देना,दया..

(4) र्इश्वर अल्ला तेरे नाम,सबको सन्मति दे भगवान (2)
सारा जग तेरे सन्तान (2),इस धरती पर बसने वाले
सव है तेरी गोद के पाले,कोर्इ नीच न कोर्इ महान
सबको सन्मति दे भगवान (2),सारा जग तेरे सन्तान (2)
जातो,मसलो के बटवारें,जातो, मसलों के दवारे
तेरे लिए सब एक समान,सबको सन्मति दे भगवान,
जनम का कोर्इ मोल नहीं है,जनम मनुष्य का तोल नहीं है
कर्म है सबकी पहचान,सबको सन्मति दे भगवान
जनम का कोर्इ मोल नहीं है,जनम मनुष्य का तोल नहीं है
कर्म है सबकी पहचान,सबको सन्मति दे भगवान
तु ही राम है, तु रहीम है,तु करीम कृष्ण खुदा हुआ
तु ही वाहे गुरु, तु इशा मसीह,हर नाम में तु ससा रहा
तेरी जात पाक कुरान में,तेरा ढर्श वेद पुराण मे (2)
गुरु ग्रन्थजी के वखान मे (2),तु प्रकाश अपना दिखा रहा
सुरदास है कही कीर्तनम,कही रामधुन कही आवहन (2)
विघि वेद का है ये सब रचन (2),
तेरा भकत तुइको बुला रहा तु ही राम है....

राष्ट्रगीत

जन गन मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्यविधाता
पंजाब, सिंध ,गुजरात,मराठा, द्राविड, हिमाचल.यमुना,बंगा,
विंध्य,हिमाचल,यमुना, गंगा, उच्छल जलधि तिरंगा,
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे
गाये तव जय गाथा, जन गन मंगल दायक जय है
भारत भाग्यविधाता,जय हे ! जय हे ! जय हे !
जय जय जय जय हे I
- रविन्द्रनाथ टागोर


   

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